पोर्न देखा जा रहा है, आप किसे दोष देंगे?

स्कूल, कॉलेज से लेकर संसद भवन तक छिप कर पोर्न देखा जा रहा है। तब आप दोष किसे देंगे ? सीधा अभिप्राय है कि जिस प्रवृत्ति को जितना दबाया जा…Continue Reading →

दो घटनाएं और पोर्न की दुनिया से रू-ब-रू होना

बात पुरानी है, नई है, अपने समय में हर समय की है। सड़कें आमतौर पर किसी भी शहर का आईना होती हैं। जिन पर टहलते हुए उस समाज की नब्ज़…Continue Reading →

कई धारणाएँ तोड़ते हैं ‘पतनशील पत्नियों के ये नोट्स’

हिन्दी साहित्य में फेमिनिज्म या स्त्रीवाद को बेहद गुस्सैल, आक्रामक और रुखे अंदाज में प्रस्तुत किया जाता है। नीलिमा चौहान की किताब पतनशील पत्नियों के नोट्स सबसे पहले इसी प्रचलित…Continue Reading →