मैंने एक लड़की को धीरे-धीरे मरते हुए देखा

मगर आज भी ये आलम है और ये हो न सका…

ना जाने कहां गायब हो गया वो अल्ह‍ड़पन, मैं अब मैं नहीं रही

भाई… ये एक दिन की श्रद्धा बहुत भारी पड़ती है हम पर!

अपनी बहन, बीबी और बेटी को दीन-दुनिया की तालीम ज़रूर दें

ये उन लड़कियों की कहानी है, जिनका नाम है रोज़ी!

‘लिपिस्टिक अंडर माई बुर्का’ में ये कैसा महिला सशक्तिकरण है?

मैं… आपकी निरंतर पाठक!

खुद को छिपाने के लिए मैंने बाहर निकलना बंद कर दिया था…

पीरियड्स से अलग भी हैं कुछ दर्द, आओ उन पर बात करें

लड़कियों के सपने मंडप की हल्दी और बीएड की डिग्री से ऊपर भी होते हैं