प्रेगनेंसी, बाजार और दया

एक भाभी जब गर्भवती हुई, तब पूरे गर्भकाल आठवे महीने तक तैराकी, साइक्लिंग, ट्रेकिंग पर जाना करती थी । जब भतीजी पैदा हुई तो...

आपने क्या सोचा कि मैं मर जाऊंगी?

कुछ साल पहले सीमा बिस्वास का एक नाटक देखने को मिला था। रबीन्द्रनाथ रचित स्त्री पात्र केंद्रित नाटक ‘स्त्रीर पत्र‘ समाज में स्त्रियों की...

चिकनी, पटाखा, आइटम… फिल्मों में लड़कियों के लिए अपमानजनक शब्दों की भरमार

छेड़छाड़ केवल शारीरिक नहीं होती बल्कि भद्दे और अश्लील शब्द भी लड़कियों के मन को छलनी कर जाते हैं। ऐसे शब्दों की हमारे शब्दकोष...

क्योंकि तुम बेटे हो…

गीता यथार्थ विभिन्न मुद्दों पर अपनी बेबाक शैली में लेखन के लिए सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं।  हमने चुनी थी उनकी फेसबुक वॉल...

एक लड़का जिसके लिए पीरियड्स पर बात करना झिझक का विषय नहीं

मेरा रंग के इस एपिसोड में मिलिए बंटी त्रिपाठी से, जो एक पुरुष होने के बावजूद पीरियड्स पर सोशल टैबू को खत्म करने में प्रयासरत...

पिंक के बहाने कामकाजी लड़कियों पर एक बातचीत

मेरा रंग की बातचीत की श्रृंखला में हमने सोशल मीडिया पर एक्टिव जर्नलिस्ट रीवा सिंह से पिंक फिल्म पर बातचीत की। पिंक फिल्म हमारे...