यह पोर्न क्या है और अश्लीलता क्या है?

वास्तव में भारतीय संस्कृति में कौमार्य का पवित्रता से ऐसा नाता जुड़ा है कि अपवित्र हो जाने के डर से विपरीत लिंग के प्रति शिक्षा व जानकारी तक से दुराव…Continue Reading →

हम लड़कियां कब मां की जगह ले लेती हैं, पता ही नहीं चलता…

मुझे याद नहीं कि बचपन में कभी सिर्फ इस वजह से स्‍कूल में देर तक रुकी रही होऊं कि बाहर बारिश हो रही है। भीगते हुए ही घर पहुंच जाती…Continue Reading →

कई धारणाएँ तोड़ते हैं ‘पतनशील पत्नियों के ये नोट्स’

हिन्दी साहित्य में फेमिनिज्म या स्त्रीवाद को बेहद गुस्सैल, आक्रामक और रुखे अंदाज में प्रस्तुत किया जाता है। नीलिमा चौहान…

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एक औरत के पास भी है फैंटेसी की दुनिया

‘लिपिस्टिक अंडर माइ बुर्का’ कैसी फिल्म है, मुझे मालूम नहीं! लेकिन इस फिल्म ने हमारा ध्यान कुछ ऐसी बातों की तरफ खींचा है, जो बेहद बुनियादी हैं, मगर उन्हें पुरूष प्रधान…Continue Reading →