ना जाने कहां गायब हो गया वो अल्ह‍ड़पन, मैं अब मैं नहीं रही

Married woman

इन बातों को अब लगभग 10 साल होने को है। मैं अब पीछे मुड़कर देखती हूं तो पाती हूं मेरा वो अल्हड़पन, वो चंचलता, वो मस्ती, वो जुनून और बिंदासपन कहीं खो सा गया है। ना जाने वो कहाँ चला गया।

ये सिर्फ मेरी कहानी नहीं बल्कि मेरी जैसी ना जाने कितनी लड़कियों के साथ ऐसा हुआ होगा। मेरी शादी को 10 साल होने को हैं। लेकिन लगता है मैं अब मैं नहीं रही।

एक जमाना हुआ करता था जब मैं खूब बिंदास हुआ करती थी। एकदम अल्हड़, जो मुंह में आया बक दिया। खूब तेज-तेज बोलना, लड़कों को सताना, लड़कों के साथ मिलकर लड़कियों को छ़ेड़ना, सीटियां मारना। बाइक पर खूब शोर मचाते हुए दूर तक जाना। कहाँ रह गया वो सब।

हां, ये सही है मेरी शादी हो चुकी है। मैं शादी के बाद एकदम बदल सी गई हूँ। सिर्फ इसलिए नहीं क्योंकि मुझ पर बदलने का दबाव डाला गया है। बल्कि अब मुझमें कहीं ठहराव सा आ गया है। अब मैं बहुत बातें नहीं करती। लड़कों से फालतू कोई मतलब नहीं रखती। ना तेज बोलना, ना दोस्तों के साथ घूमना-फिरना। सब बंद कर दिया है मैंने।

आपके मन में सवाल उठ रहा होगा आखिर इसके पीछे कारण क्या है?

आपको बता दूं, मुझे बदलने के लिए किसी ने कोई दबाव नहीं डाला लेकिन मेरा खुद से ही ऐसा करने का मन हुआ। आज मेरे पास बहुत प्यार करने वाला पति और दो बच्चे हैं। मेरा भरा-पूरा परिवार है। अब मेरी दुनिया मेरे छोटे से संसार में बसकर रह गई है। मेरा किसी से मिलने-जुलने या कहीं जाने का मन नहीं करता। दोस्त खूब बुलाते हैं तो लगता है इससे अच्छा मैं अपने पति और बच्चों को समय दूं।

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वो भी एक समय था जब मैं शादी के नाम से भागती थी। लेकिन अब मुझे ना जाने क्या हो गया है। क्या ये मेरे पति का ही प्यार है जो मुझे उससे एक पल भी दूर होने से डराता है? या मेरे बच्चों का जो मेरी जिंदगी है?

मुझे लगता है कि शादी के बाद अक्सर महिलाओं में एक ठहराव आ जाता है। वे जैसे अपने लिए तो जीना ही भूल जाती हैं। बेशक, आप मेरी इस बात से सहमत ना हों। लेकिन मेरे साथ तो कुछ ऐसा ही हुआ है। आपकी इस पर क्या राय है। मुझे जरूर बताइएगा।

  • ये लेख भेजा है मेरा रंग की पाठक अनु गोयल ने। 
एक वैकल्पिक मीडिया जो महिलाओं से जुड़े मुद्दों और सोशल टैबू पर चल रही बहस में सक्रिय भागीदारी निभाता है। जो स्रियों के कार्यक्षेत्र, उपलब्धियों, उनके संघर्ष और उनकी अभिव्यक्ति को मंच देता है।

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