ये तुम्हारी धमकियों से भी ना डरती लड़कियाँ

रामजस कॉलेज में हुई हिंसा को लेकर एबीवीपी के खिलाफ मुहिम छेड़ने वाली शहीद की बेटी गुरमेहर कौर को रेप की धमकी देने के विरोध में प्रदर्शन हुआ, जिसमें बड़ी…Continue Reading →

निहलानी जी, फीमेल फैंटेसी से इतनी घबराहट क्यों हुई आपको?

पहलाज निहलानी जी, ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ फिल्म को मुंबई फिल्म फ़ेस्टिवल में जेंडर इक्वेलिटी के लिए ‘ऑक्सफेम’ अवार्ड मिल…

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हर पुरुष के भीतर एक स्त्री होती हैः अविनाश

पत्रकार अविनाश दास ने फिल्म ‘अनारकली ऑफ आरा’ में एक ऐसी स्त्री को अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष करते दिखाया गया है, जो नाचने-गाने वाली है और जिसके बारे में…Continue Reading →

मुझको यौम-ए-मुहब्बत जैसे किसी दिन की याद नहीं

आज वैलेंटाइन डे है। मोहब्बत के इज़हार का दिन। अपना मुल्क अफ़ग़ानिस्तान छोड़ा तो उम्र काफ़ी कम थी। यौम-ए-मुहब्बत जैसे किसी दिन की याद नहीं आती। बीच के दिनों मे…Continue Reading →