लाल पशमीना

सर्दियाँ शुरू होने को थीं और मोहल्ले के सभी घरों में उसके स्वागत की तैयारी ज़ोरों-शोरों से चल रही थी। कहीं छतों पर कम्बल,...

सुनो सखा…!

अब वो कसावट नही रही मेरे स्तनों में, वो लाल गाल भी चमक खोने लगे, आंखों में पहले सा तेज नही रहा, पेट का...

रोहतक में गैंगरेप हुआ, लेकिन वो निर्भया नहीं बनी…!

कल्पना कीजिए तेईस साल की लड़की है। उसको छः लोग कहीं ले जाते हैं, बलात्कार करते हैं। पाँच बलात्कारी उसके जानने वाले हैं। फिर...

शुक्रिया! ज़िन्दगी को बटर फ्लेवर वाले पॉपकॉर्न जैसी हल्की बना देने के लिए

यह खुला खत तो है मगर इसमें बेहद आत्मीय पल और मन के सुंदर कोने हैं। इसमें जितनी हकीकत है, उतना स्वप्न। जितना भरोसा...

चाइल्ड एब्यूज़ः मुँह खोलें, बहस करें, खुलकर बात करें!

सरकारी सर्वे के अनुसार भारत में 53% मेल चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज (लैंगिक शोषण) के शिकार होते हैं! शोषण करने वाले अधिकतर घर वाले अथवा...

चरित्रहीन

जब पहली बार तुमने मुझे बीस मिनट तक चूमा और उस बेहतरीन फ्रेंच किस के बाद तुमने हँस कर कहा कि तुम तो मुझसे...

देह की धुरी

जब फ़िकरे कसते हो औरत की देह की बनावट पे तो आग सी लग जाती है विद्रोह जग जाता है, जब तुम को घूरते...