शुक्रिया! ज़िन्दगी को बटर फ्लेवर वाले पॉपकॉर्न जैसी हल्की बना देने के लिए

यह खुला खत तो है मगर इसमें बेहद आत्मीय पल और मन के सुंदर कोने हैं। इसमें जितनी हकीकत है, उतना स्वप्न। जितना भरोसा...

चाइल्ड एब्यूज़ः मुँह खोलें, बहस करें, खुलकर बात करें!

सरकारी सर्वे के अनुसार भारत में 53% मेल चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज (लैंगिक शोषण) के शिकार होते हैं! शोषण करने वाले अधिकतर घर वाले अथवा...

चरित्रहीन

जब पहली बार तुमने मुझे बीस मिनट तक चूमा और उस बेहतरीन फ्रेंच किस के बाद तुमने हँस कर कहा कि तुम तो मुझसे...

देह की धुरी

जब फ़िकरे कसते हो औरत की देह की बनावट पे तो आग सी लग जाती है विद्रोह जग जाता है, जब तुम को घूरते...

क्या स्त्रीवादी पोर्न भी हो सकता है?

जन-विश्वासों के उलट कई विश्व-स्तरीय शोध यह बताते हैं कि संयत और शांत पोर्नोग्राफी का उपयोग प्रयोक्ता को हिंसक या लैंगिक भेदभाव करने वाला...

भारतीय समाज का ‘पर्दादार’ होना अब केवल एक भ्रम है

पोर्न उद्योग के विस्फोटक विकास के सामाजिक कारणों और परिणामों पर विस्तार से विचार किया जाना चाहिए। कच्चा मन स्वयं के शरीर और विपरीत...