क्या स्त्रीवादी पोर्न भी हो सकता है?

जन-विश्वासों के उलट कई विश्व-स्तरीय शोध यह बताते हैं कि संयत और शांत पोर्नोग्राफी का उपयोग प्रयोक्ता को हिंसक या लैंगिक भेदभाव करने वाला...

भारतीय समाज का ‘पर्दादार’ होना अब केवल एक भ्रम है

पोर्न उद्योग के विस्फोटक विकास के सामाजिक कारणों और परिणामों पर विस्तार से विचार किया जाना चाहिए। कच्चा मन स्वयं के शरीर और विपरीत...

बस्ती में गई तो थी महिला दिवस पर बात करने, बात कहीं और पहुंच गई…

आठ मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है। एक हफ्ते पहले से इसकी तैयारियां चल रही हैं और जगह जगह कार्यक्रम हो रहे हैं।...

निहलानी जी, फीमेल फैंटेसी से इतनी घबराहट क्यों हुई आपको?

पहलाज निहलानी जी, 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' फिल्म को मुंबई फिल्म फ़ेस्टिवल में जेंडर इक्वेलिटी के लिए 'ऑक्सफेम' अवार्ड मिल चुका है। यानी कि...