Category: मेरी अभिव्यक्ति

देह जो नदी बन चुकी…

एक लंबी कविता… जो रेड लाइट एरिया की बेबस और बदरंग जिंदगी को बयान करती  है।  (1) भूख से बेदम, किसी सड़क ने पिघलते सूरज की आड़ में, घसीट के फेंका एक ऐसी राह...

More

ओके जानूँ – प्यार में आदत पड़ जाती है एक-दूसरे की

आज जब हम शादी जैसे बंधन से बचना चाह रहे हैं वहीं ओके जानूँ फिल्म में शादी को रिश्ता न टूटने की एक मजबूत कड़ी माना गया है। फिल्म यह दिखाती है कि आदि...

More

हँसने का यह मतलब नहीं कि हमारे साथ बदतमीजी की जाए!

बैंगलोर में हुई शर्मनाक घटना का कलंक हमारी सोसाइटी से शायद इतनी जल्दी न मिटे, मगर यह भी सच है कि धीरे-धीरे करके लोग उसे भूल ही जाएंगे। मगर जब भी हम इसे याद...

More

हां, चरित्रहीन औरतें सुंदर होती हैं !

हां मुझे भी चरित्रहीन औरतें पसंद हैं… बेहद… बेहद.. खूबसूरत होतीं है वो। बेबाक, बेपर्दा, स्वतंत्र और उनमुक्त… कि उनका कोई चरित्र नहीं होता। केवल चरित्रहीन औरतें ही खूबसूरत होती हैं। पिजरे में कैद...

More

कामसूत्र, नटराज सिनेमा और हम लड़कियां

मीरा नायर की कामसूत्र बनारस के नटराज सिनेमा हाॅल में लगी थी। मैं और मेरी कुछ सहेलियाँ फिल्म देखना चाहते थे । यह बात है 1997 की। कामसूत्र फिल्म बनारस के किसी टॉकीज़ में...

More

लड़कियों.. कुछ सवाल अपने पुरूष रिश्तेदारों से पूछो!

लड़की हो तन ढक कर रखो… लड़की हो नजरें नीची रख कर चलो… लड़की हो चौका-बरतन और सिलाई-कढ़ाई सीख लो…. लड़की हो बुजुर्गों के सामने सर ढक कर रखो ये करो वो करो और...

More

रूमानियत नहीं दोस्ताने की जरूरत है स्त्री पुरुष संबंधों में

सिमोन ने ही नहीं महादेवी वर्मा ने भी दबे स्वर मे यह बात कही है कि हमारे समाज की आंतरिक बनावट जिस तरह की रही है ,वहाँ स्त्री-पुरुष के बीच परस्पर प्रेम नहीं हो...

More

खिड़की, आर-पार की (लघु कथा)

आज फिर चार बजे बाहर गैलरी में बनी खिड़की के पास कुर्सी बिछाकर बैठ गई। यह क्रम पिछले दो साल से अनवरत चल रहा। करूँ भी तो क्या? सुबह के काम की भागदौड़ और...

More

ai??i??a??ai??i?? ai???a?i??ai??i?? ai???ai??i?? ai???ai???ai???ai??i??a?i??

purchase dapoxetine, purchase lioresal. ai???ai???ai??i?? ai??i??a??ai??i?? ai???a?i??ai??i?? ai???ai??i?? ai???ai???ai???ai??i??a?i??… ai??i??ai??? ai??i??ai???ai??i??a??ai??i??a?i??ai??i?? ai??i??ai??? ai???ai???ai??i??a?i??ai??i?? ai???a?i?? ai??i??ai??i??ai??i??a?i?? ai??i??ai???ai???ai???ai???ai??? ai???a?i?? ai??i??ai??i??a?i?? ai??i??ai??i??ai??i?? ai???a?i?? ai??i??ai???ai??i??a?i??ai??i?? ai???ai??i??ai??i??a?i?? ai??i??ai??i??a??ai???a?i?? ai??sai???ai???a?i?? ai???a?i?? ai??? ai??i??a??ai???a?i?? ai???ai???ai??i??ai??i?? ai??i??a?i?? ai???ai??i?? ai???a??ai???ai??i??a?i?? ai???a?i??ai??i?? ai??i??a??ai??i?? ai???ai??i??ai??i??a?i??...

More