Category: इनसे मिलिए

कई धारणाएँ तोड़ते हैं ‘पतनशील पत्नियों के ये नोट्स’

हिन्दी साहित्य में फेमिनिज्म या स्त्रीवाद को बेहद गुस्सैल, आक्रामक और रुखे अंदाज में प्रस्तुत किया जाता है। नीलिमा चौहान की किताब पतनशील पत्नियों के नोट्स सबसे पहले इसी प्रचलित धारणा को तोड़ती है।...

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हर पुरुष के भीतर एक स्त्री होती हैः अविनाश

पत्रकार अविनाश दास ने फिल्म ‘अनारकली ऑफ आरा’ में एक ऐसी स्त्री को अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष करते दिखाया गया है, जो नाचने-गाने वाली है और जिसके बारे में हमारे समाज में मान...

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हर महिला को जाननी चाहिए कोयंबटूर के मुरुगनाथम की कहानी

एसी नील्सन का एक सर्वे बताता है कि भारत में सिर्फ 12% महिलाएं ही सैनिटरी नैपकिन का प्रयोग करती हैं। ऐसा जागरुकता के अभाव और महंगे नैपकिन को खरीद पाने में असमर्थता के चलते...

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दोस्ती, जीवन भर के लिए…

एक लोक कलाकार और एक आर्स्टिस्ट की अनोखी प्रेम कहानी मेरा नाम अज्ञेश है। मैं छत्तीसगढ़ के राजनंद गांव से हूं। पढ़ाई बस पांचवीं तक हुई है। पिता देवीलाल नाग छत्तीसगढ़ी नाचा लोकनृत्य करते...

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