प्रेगनेंसी, बाजार और दया

एक भाभी जब गर्भवती हुई, तब पूरे गर्भकाल आठवे महीने तक तैराकी, साइक्लिंग, ट्रेकिंग पर जाना करती थी । जब भतीजी पैदा हुई तो दर्द हुआ केवल 10 मिनट और…Continue Reading →

आपने क्या सोचा कि मैं मर जाऊंगी?

कुछ साल पहले सीमा बिस्वास का एक नाटक देखने को मिला था। रबीन्द्रनाथ रचित स्त्री पात्र केंद्रित नाटक ‘स्त्रीर पत्र‘ समाज में स्त्रियों की दयनीय स्थिति को बयां कर रहा…Continue Reading →

क्योंकि तुम बेटे हो…

गीता यथार्थ विभिन्न मुद्दों पर अपनी बेबाक शैली में लेखन के लिए सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं।  हमने चुनी…

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एक लड़का जिसके लिए पीरियड्स पर बात करना झिझक का विषय नहीं

मेरा रंग के इस एपिसोड में मिलिए बंटी त्रिपाठी से, जो एक पुरुष होने के बावजूद पीरियड्स पर सोशल टैबू को खत्म करने में प्रयासरत हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए…Continue Reading →