“इसने मेरी ब्रा उठाके उनकी बालकनी में फेंक दी और उसपे शायरी भी लिख दी।” यह था डीयू के कमला नेहरू कॉलेज के नाटक ‘शाहिरा के नाम’ का वह डायलाग जिस पर हुई कंट्रोवर्सी...

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