शुक्रिया! ज़िन्दगी को बटर फ्लेवर वाले पॉपकॉर्न जैसी हल्की बना देने के लिए

यह खुला खत तो है मगर इसमें बेहद आत्मीय पल और मन के सुंदर कोने हैं। इसमें जितनी हकीकत है, उतना स्वप्न। जितना भरोसा...